पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पेपर लीक मामलों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार जवाबदेही तय करने की बजाय न्याय की मांग कर रहे युवाओं की आवाज को लाठीचार्ज के जरिए दबाने की कोशिश कर रही है।

मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का युवा शिक्षा के जरिए अपना भविष्य संवारना चाहता है, लेकिन बार-बार होने वाले पेपर लीक उसके सपनों को तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को ‘विश्वगुरु’ बनाने की बात करते हैं, लेकिन देश के युवाओं का भविष्य लगातार खतरे में पड़ता जा रहा है।

‘पेपर लीक रोकने में केंद्र सरकार विफल’

भगवंत मान ने कहा कि 2017, 2019, 2022, 2024 और अब 2026 में भी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं। इसके बावजूद दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय केंद्र सरकार उन्हें बचाने में लगी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री छात्रों को परीक्षा की तैयारी के टिप्स तो देते हैं, लेकिन कभी यह नहीं बताते कि सरकारी संस्थाएं पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा कैसे आयोजित करें।

‘AAP युवाओं और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा युवाओं और किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ती रही है और आगे भी उनकी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है।

निजी स्कूल फीस पर सरकार पीछे नहीं हटेगी

भगवंत मान ने साफ कहा कि पंजाब सरकार निजी स्कूलों की फीस को नियंत्रित करने के अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा सेवा का माध्यम है, व्यवसाय नहीं। सरकार किसी भी कीमत पर छात्रों और अभिभावकों का व्यावसायिक शोषण नहीं होने देगी।

881 सरकारी स्कूलों के छात्रों ने पास की NEET परीक्षा

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026 में पहली बार पंजाब के सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड 881 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की है। उन्होंने इसे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार का बड़ा प्रमाण बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

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