मीडिल ईस्ट में जंग के हालातों को लेकर PM मोदी ने आज सोमवार को लोकसभा में इसको लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि खाड़ी देशों में हालात चिंताजनक हैं। इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजें होर्मुज से आती हैं। युद्ध के बाद से ही यहां से जहाजों का आना जाना बाधित हुआ है। हमारी कोशिश रही है कि तेल-गैस का संकट न हो। हम सभी जानते हैं देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत LPG प्रोडक्शन करता है। हमने देश में इसके उत्पादन को बढ़ावा दिया है।जिससे देश में पेट्रोल डीजल की स्पलाई सुचारू होती रहे‘।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार संवेदनशील भी है, सतर्क भी है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है।

3 लाख 75 हजार भारतीयों वापस लाए देश

उन्होने कहा कि खाड़ी देशों में 1 करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। वहां समंदर में जो शिप चलते हैं उनमें भारतीय क्रू मेंबर्स की संख्या अधिक है। इसके चलते हमारी चिंता स्वभाविक है। जबसे यह युद्ध शुरु हुआ है तब से प्रभावित क्षेत्रों के हर भारतीय को जरुरी मदद दी जा रही है। यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जाए। जब से यह युद्ध शुरू हुआ है। मैंने खुद 2 बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी भी है और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

युद्ध के जल्द समाधान की आग्रह

PM मोदी ने कहा कि इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में विदेश मंत्री जयशंकर और मंत्री हरदीप पुरी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट का पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरीत असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।

 

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