दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप संयोजक Arvind Kejriwal ने पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों को दिल्ली बुलाकर उनकी परफॉर्मेंस की समीक्षा की है।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि चाहे मंत्री किसी भी स्तर का हो, काम नहीं हुआ तो पद भी नहीं रहेगा। 💬

Arvind Kejriwal ने हर मंत्री से वन-टू-वन बातचीत

पंजाब के कई जिलों में अगले 2 दिन बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी

बैठकों में केजरीवाल ने हर मंत्री से वन-टू-वन बातचीत कर उनके विभागों का रिपोर्ट कार्ड मांगा और अगले साल के लिए लक्ष्य निर्धारित किए।

खासकर खनन, राजस्व और संसाधन जुटाने वाले विभागों पर ज़ोर दिया, क्योंकि पंजाब वित्तीय संकट से गुजर रहा है।

राज्य पर 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज और 1,800 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी चुकाने की समस्या है।

साथ ही, सरकार ने हाल ही में बिजली सब्सिडी में कटौती की, ईंधन और बस किराए पर वैट बढ़ाया

और पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स भी लगाया है। ये सभी कदम राज्य की वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए हैं।

केजरीवाल लगातार पंजाब सरकार के कामकाज पर नजर रख रहे हैं और इस बार उन्होंने मंत्रियों से कड़ी बात की है।

AAP की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस! 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मंत्रियों के साथ हुई बैठक में साफ कर दिया

कि भ्रष्टाचार किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।

जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है,

और अगर कोई मंत्री या अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाया गया, तो उसका सरकार में बने रहना संभव नहीं होगा।

सरकार पहले ही कई नेताओं और अफसरों पर कार्रवाई कर चुकी है,

और भविष्य में भी भ्रष्टाचार की कोई शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Related Posts