चंडीगढ़, 28 जून: पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा है कि कार्डियक अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि कई फिटनेस फ्रीक और हेल्थ कॉन्शियस सेलेब्रिटीज भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। हाल ही में देश ने एक बेहद टैलेंटेड कलाकार, अभिनेत्री और डांसर शेफाली को कार्डियक अरेस्ट के कारण हमेशा के लिए खो दिया। यह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — जो हम सबको गंभीरता से लेनी चाहिए।
कार्डियक अरेस्ट क्या होता है?
कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी खतरनाक स्थिति है जब दिल अचानक काम करना बंद कर देता है। दिल के रुकते ही शरीर के जरूरी अंगों — जैसे मस्तिष्क, फेफड़े और किडनी — तक खून और ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाती है। यह कुछ ही मिनटों में जानलेवा बन सकता है अगर समय पर इलाज न मिले।
कई लोग मानते हैं कि कार्डियक अरेस्ट एकदम से आता है, बिना किसी चेतावनी के। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। हमारे शरीर में कई बार दिन, हफ्ते या कभी-कभी महीनों पहले से ही कुछ संकेत मिलने लगते हैं। बस जरूरत है उन्हें पहचानने और समय रहते एक्शन लेने की।
कार्डियक अरेस्ट से पहले शरीर कैसे करता है चेतावनी?
1. सीने में असामान्य दर्द या दबाव
यदि सीने में बार-बार दर्द होता है, या भारीपन या जकड़न का अनुभव होता है, तो इसे अनदेखा न करें। यह दर्द कई बार बाजू, जबड़े या पीठ में भी फैल सकता है।
2. अचानक थकावट या कमजोरी
अगर बिना किसी खास मेहनत के थकावट महसूस हो रही है, जैसे सीढ़ियां चढ़ने पर या थोड़ी दूर चलने पर सांस फूल रही है — तो यह शरीर का संकेत हो सकता है कि दिल कमजोर हो रहा है।
3. सांस लेने में कठिनाई
थोड़ा सा भी चलने-फिरने पर सांस फूल जाना या रात को सोते समय घुटन जैसा लगना, कार्डियक अरेस्ट के खतरे की घंटी हो सकती है।
4. चक्कर आना या बेहोश होना
अचानक चक्कर आ जाना, आंखों के सामने अंधेरा छा जाना या होश खो देना भी दिल की गड़बड़ी का इशारा है।
5. दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना
अगर दिल की धड़कन तेज चल रही हो या उसमें उथल-पुथल महसूस हो रही हो, तो यह भी एक गंभीर लक्षण हो सकता है।
6. अचानक पसीना आना (ठंडा पसीना)
रात में पसीना आना या बिना किसी कारण के शरीर से ठंडी नमी आना — खासकर अगर इसके साथ बेचैनी भी हो — तो इसे हल्के में न लें।
7. शरीर में सूजन
टखनों, पैरों, या पेट में सूजन आना या वजन अचानक बढ़ना, दिल की कार्यक्षमता में कमी का संकेत हो सकता है।
ऐसे लक्षण नजर आएं तो क्या करें?
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इन संकेतों को कभी हल्के में न लें।
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तुरंत ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम), ब्लड प्रेशर और हार्ट का पूरा चेकअप करवाएं।
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अगर परिवार में हार्ट डिजीज की हिस्ट्री है, तो नियमित रूप से कार्डियोलॉजिस्ट से संपर्क बनाए रखें।
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अपने खानपान को संतुलित रखें, ज्यादा फैट, नमक और प्रोसेस्ड फूड से बचें।
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तनाव को कम करने की कोशिश करें, और सिगरेट या शराब जैसी आदतों से दूर रहें।
याद रखें: कार्डियक अरेस्ट अचानक नहीं आता…
ये एक ऐसा संकट है जो आने से पहले आपको जरूर चेतावनी देता है — बस आपको उसकी आवाज़ सुननी है। हर छोटी तकलीफ को नजरअंदाज़ करना अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। इसलिए सतर्क रहें, सजग रहें और जरूरत पड़ने पर बिना देरी डॉक्टर से संपर्क करें।

