Punjab Government Meeting Farmer – मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य में किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए “खेती मंडीकरण बाबत राष्ट्रीय नीति ढांचे” पर किसान यूनियनों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया।
बैठक की अध्यक्षता पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने की।
मुख्य बिंदु:
•कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए ड्राफ्ट को लेकर राज्य सरकार चिंतित है,
क्योंकि इसका किसानों और राज्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
•ड्राफ्ट के हर पहलू पर विस्तार से विचार-विमर्श की जाएगी।
कृषि विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
बैठक में मौजूद किसान नेताओं, जैसे जोगिंदर सिंह उगराहा, बलबीर सिंह राजेवाल, और डॉ. दर्शन पाल, ने इस नीति के तहत संभावित निजीकरण और एकाधिकारवादी प्रथाओं पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह नीति रद्द किए गए तीन विवादित कृषि कानूनों के प्रावधानों को पुनः लागू करने का प्रयास हो सकती है।
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की सभी चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने किसान यूनियनों से अनुरोध किया कि वे इस ड्राफ्ट से संबंधित अपने सुझाव और टिप्पणियां विभाग को भेजें।
•अनुराग वर्मा: अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि और किसान कल्याण)
•डॉ. सुखपाल सिंह: चेयरमैन, पंजाब राज्य किसान और खेत मजदूर आयोग
•रामवीर: सचिव, पंजाब मंडी बोर्ड
•अन्य वरिष्ठ अधिकारी
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र को ड्राफ्ट पर जवाब भेजने से पहले इसके सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी।
सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि यह नीति किसानों के लिए लाभकारी हो और उनके अधिकारों की रक्षा हो।
पंजाब सरकार ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि राज्य के किसानों के हितों की कीमत पर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
आने वाले दिनों में विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के साथ परामर्श कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


