पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मानसिक स्वास्थ्य का इलाज या मदद लेने वाले लोगों में 75 प्रतिशत लाभार्थी 18 से 45 साल की उम्र के हैं। यह आंकड़ा बताता है कि युवा और कामकाजी वर्ग में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समय पर ध्यान देना जरूरी है।
18 से 45 साल की उम्र में नौकरी, कारोबार, परिवार और आर्थिक जिम्मेदारियों का दबाव रहता है। लगातार तनाव, चिंता या दूसरी परेशानियों को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में समय पर डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य सेवाओं के जरिए लोगों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान और इलाज में मदद दी जा रही है। लोगों से भी अपील है कि वे मानसिक परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार या विशेषज्ञ से बात करें।
योजना के आंकड़े यह भी बताते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य की जरूरत केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है। युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में इलाज और सहायता ले रहा है। इसलिए समय पर पहचान, सही सलाह और आसान स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।


