चंडीगढ़, 10 जून-हरियाणा सरकार ने ईंधन के संरक्षण, ऊर्जा खपत को कम करने और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के असर को कम से कम करने के मकसद से संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी इन निर्देशों के तहत सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों तथा आम नागरिकों के लिए आयातित संसाधनों पर निर्भरता कम करने और स्थाई प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगे।
निर्देशों में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के बाद वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के निरंतर बाधित रहने, रूस-यूक्रेन संघर्ष तथा पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण ईंधन की कीमतों, आयात और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। इन परिस्थितियों को देखते हुए संसाधनों के संरक्षण के लिए यह व्यापक अभियान शुरू किया गया है।
इसी क्रम में सरकार ने सितंबर 2026 तक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों की सभी प्रकार की विदेशी यात्राओं, चाहे वे सरकारी हों या निजी, पर रोक लगा दी है। केवल चिकित्सा उपचार के मामलों में ही छूट दी जाएगी। इसके अलावा सभी विभागों को कम से कम 50 प्रतिशत बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित करने और अधिकारियों की आवाजाही को यथासंभव कम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने सरकारी समारोहों, उत्सवों, सेमिनारों, कार्यकारी भोज और मनोरंजन संबंधी कार्यक्रमों पर खर्च कम करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को सितंबर 2026 तक किसी भी प्रकार की रैली, रोड शो, वाहन जुलूस अथवा बड़े सार्वजनिक आयोजन की अनुमति न देने को कहा गया है।
वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सितंबर 2026 तक सभी विभागों के पेट्रोलियम संबंधी व्यय में 20 प्रतिशत की कमी सुनिश्चित की जाए। साथ ही प्रत्येक विभाग को मासिक प्रमाण-पत्र देना होगा कि वाहन उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके लिए अनुपालन और बचत की निगरानी हेतु एक विशेष पोर्टल भी विकसित किया जाएगा।
पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए प्रदेशभर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी। शहरी स्थानीय निकायों को साइकिल ट्रैक और साइकिल शेयरिंग प्रणाली विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। परिवहन विभाग को सार्वजनिक बस सेवाओं को मजबूत करने तथा ईंधन दक्ष परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।


