कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटने वाले लाखों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मुजफ्फरनगर पुलिस ने विशेष ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू किया है। इसके तहत 29 जुलाई की रात 12 बजे से 12 अगस्त 2026 तक दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे और गंगनहर कांवड़ पटरी मार्ग पर यातायात व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं।
प्रशासन के अनुसार, इस अवधि में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर भारी वाणिज्यिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निर्धारित नियमों के तहत छूट दी जाएगी।
ट्रैफिक प्लान के मुताबिक 29 जुलाई की रात 12 बजे से 4 अगस्त की रात 12 बजे तक हल्के और मध्यम चार पहिया तथा दोपहिया वाहन हाईवे की केवल एक लेन से संचालित किए जाएंगे, जबकि दूसरी लेन पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। इसके बाद 4 अगस्त से 12 अगस्त तक दिल्ली-देहरादून हाईवे सामान्य वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगा और केवल कांवड़ियों के आवागमन के लिए उपयोग किया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने कई वैकल्पिक मार्ग भी तय किए हैं। दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर से हरिद्वार या देहरादून जाने वाले हल्के वाहन मवाना, रामराज, मीरापुर, जानसठ, भोपा बाईपास, पचेंडा बाईपास, रामपुर तिराहा और देवबंद होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। वहीं बिजनौर, शामली और सहारनपुर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग-अलग डायवर्जन रूट निर्धारित किए गए हैं।
स्थानीय लोगों के लिए भी विशेष ट्रैफिक व्यवस्था बनाई गई है। मेरठ, खतौली, शामली, बुढ़ाना और हरिद्वार की ओर जाने वाले वाहन निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करेंगे, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात सुचारु बना रहे।
उधर, उत्तराखंड सरकार ने भी कांवड़ यात्रा को लेकर सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं। हरिद्वार में सीसीटीवी निगरानी, पर्याप्त रोशनी, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, भोजन और ठहरने की विशेष व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन लगातार पूरे यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहा है और श्रद्धालुओं से ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।


