चंडीगढ़, 1 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज राज्य की चिकित्सा प्रणाली को लेकर एक बड़ा विज़न सामने रखा। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक एमबीबीएस की सीटों की संख्या बढ़ाकर 3400 से अधिक की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना राज्य सरकार की प्राथमिकता है, ताकि हर नागरिक को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि 2014 में हरियाणा में मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल 6 थी, जो अब बढ़कर 15 हो चुकी है और 9 नए कॉलेज निर्माणाधीन हैं।
एमबीबीएस सीटों में भारी वृद्धि
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2014 में एमबीबीएस सीटें: 700
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2024 तक की स्थिति: 2,185 सीटें
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2029 का लक्ष्य: 3,400+ सीटें
इस प्रयास से न केवल राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को चिकित्सा के क्षेत्र में नए अवसर भी मिलेंगे।
PG और डिप्लोमा सीटें भी बढ़ाई गईं
चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में उठाए गए अन्य कदमों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि PG की सीटें 289 से बढ़ाकर 1,043 की गई हैं, और साथ ही PG डिप्लोमा की 155 सीटें भी हैं।
डॉक्टरों की भर्ती और रिटायरमेंट एज में बदलाव
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2014 से अब तक भर्ती किए गए डॉक्टर: 3,798
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सेवानिवृत्ति की उम्र: पहले 58 वर्ष → अब 65 वर्ष
इस फैसले से प्रदेश में डॉक्टरों की कमी को दूर करने में बड़ी मदद मिली है और अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं लंबे समय तक मिल रही हैं।
हर गरीब को मुफ्त इलाज – डायलिसिस से लेकर गंभीर बीमारियों तक
मुख्यमंत्री ने बताया कि किडनी रोगियों को मुफ्त डायलिसिस सेवा प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में दी जा रही है।
इसके अलावा, ‘आयुष्मान भारत’ और ‘चिरायु योजना’ के तहत हरियाणा में 1.33 करोड़ से अधिक गरीब नागरिकों को सालाना 5 लाख रुपये तक के निःशुल्क इलाज की सुविधा दी गई है।
डॉक्टरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
इस वर्ष डॉक्टर्स डे की थीम — “मास्क के पीछे देखभाल करने वालों की देखभाल” — को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों की पेशेवर सेवा के साथ-साथ उनकी सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है:
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सजा: 3 महीने से 5 साल तक
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जुर्माना: ₹50,000 से ₹2 लाख तक
डॉक्टरों का सम्मान और मेडिकल मैगज़ीन का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा में अग्रणी डॉक्टरों को सम्मानित किया गया। साथ ही, डेराबसी मेडिकल एसोसिएशन की वार्षिक मैगज़ीन का विमोचन भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया।
इस अवसर पर चंडीगढ़ की मेयर श्रीमती हरप्रीत कौर बाबला, डॉ. राजीव गुप्ता (अध्यक्ष, डेराबसी मेडिकल एसोसिएशन), डॉ. आकाश गोस्वामी (सचिव) समेत बड़ी संख्या में डॉक्टर, पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद थे।

