चंडीगढ़, 25 जून: एक बार फिर गाजा पट्टी में इजरायली सेना को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है। दक्षिणी गाजा के खान यूनिस क्षेत्र में हुए एक जबरदस्त विस्फोट ने इजरायली रक्षा प्रणाली की ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को इस क्षेत्र में एक शक्तिशाली धमाका उस समय हुआ जब इजरायली सेना का एक बख्तरबंद वाहन क्षेत्र में अभियान चला रहा था। इस विस्फोट में कुल सात इजरायली सैनिकों की जान चली गई, जिससे वहां की सैन्य और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है।

इजरायली सेना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि की, हालांकि सैन्य गोपनीयता नियमों के तहत उन्होंने नाम उजागर करने से इनकार कर दिया। अधिकारी के अनुसार, मरने वाले सात सैनिकों में से छह की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है, जबकि एक सैनिक की पहचान सुरक्षा कारणों से अभी नहीं बताई गई है।

हमले का तरीका और स्थान

यह हमला दक्षिणी गाजा में स्थित खान यूनिस शहर में हुआ, जो इन दिनों इजरायली सैन्य गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। बताया जा रहा है कि हमास की सैन्य शाखा अल-कासिम ब्रिगेड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर दावा किया कि उनके लड़ाकों ने एक रिहायशी इमारत में छिपे इजरायली सैनिकों पर अचानक हमला किया।

हमास ने कहा कि इस हमले में “यासीन 105” नामक मिसाइल और एक अन्य मिसाइल का इस्तेमाल किया गया, जिससे इजरायली सैनिकों को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने यह भी बताया कि मिसाइलों की चपेट में आने से कई सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई और बाकी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद अल-कासिम ब्रिगेड्स के लड़ाकों ने मशीनगनों से भी इमारत को निशाना बनाया।

दो हमले या एक ही घटना?

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बख्तरबंद वाहन पर हुआ विस्फोट और इमारत में सैनिकों पर किया गया हमला एक ही घटना से जुड़े हैं या दोनों अलग-अलग घटनाएं हैं। लेकिन इन घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि गाजा में इजरायली सेना को न केवल मैदान में, बल्कि रणनीतिक स्तर पर भी चुनौती मिल रही है।

इजरायली सेना ने भी पुष्टि की है कि मंगलवार को खान यूनिस क्षेत्र में एक अन्य गोलीबारी की घटना में उनका एक और सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया है।

गाजा में तबाही का आंकड़ा

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इजरायल के सैन्य अभियान, जो पिछले 21 महीनों से लगातार चल रहा है, उसमें अब तक 56,077 फिलिस्तीनी नागरिकों की जान जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं और बच्चों की भी बताई जा रही है। इस लंबे और थकाऊ संघर्ष ने पूरे गाजा क्षेत्र को एक युद्धभूमि में तब्दील कर दिया है।

 

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