चंडीगढ़, 11 जुलाई: कितनी दवाओं पर राहत मिल सकती है?
सरकार के पैनल ने कुल लगभग 200 महत्वपूर्ण दवाओं को कस्टम ड्यूटी से राहत देने की सिफारिश की है:
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पूर्ण छूट (0% कस्टम ड्यूटी): करीब 125 दवाएं
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कैंसर, HIV, ट्रांसप्लांट, क्रिटिकल-केयर, एडवांस डायग्नोस्टिक किट व दुर्लभ बीमारियों के इलाज में उपयोगी
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5% कंसेशनल ड्यूटी: लगभग 74 दवाएं
? प्रमुख मुफ्त छूट वाली दवाओं में शामिल: कीट्रूडा (Pembrolizumab), टैग्रिसो (Osimertinib), एन्हर्टु (Trastuzumab Deruxtecan) जैसी कैंसर मेडिसिन्स—जिनकी एक डोज की कीमत लाखों-करोड़ों में होती है।
? 5% ड्यूटी में छूट पाने वाली दवाओं में: ट्रांसप्लांट, क्रिटिकल-केयर और एडवांस डायग्नोस्टिक किट से जुड़ी दवाएं।
दुर्लभ बीमारियों के लिए भी राहत
इस सूची में 56 दुर्लभ बीमारी संबंधी दवाएं भी शामिल हैं, जिनमें नामचीन यह दवाएं हैं:
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Zolgensma – एक डोज लगभग ₹17 करोड़
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Spinraza, Evrysdi – जेनेटिक डिसॉर्डर जैसे स्मॉल मस्कुलर डिसऑर्डर के इलाज में उपयोगी
इस तरह, आर्थिक रूप से बेहद बोझिल ये दवाएं कस्टम ड्यूटी से बचेंगी, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
आर्थिक और सामाजिक असर
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उपचार की पहुंच बढ़ेगी: महंगी दवाओं के दाम में अप्रत्याशित कमी आएगी जिससे बीमारियों का इलाज सस्ता और सुलभ हो सकेगा।
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रिलीफ का बड़ा असर: कैंसर, HIV, सिकल-सेल, ब्लड क्लॉट जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों की आर्थिक सहायता होगी।
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स्वास्थ्य नीति में बदलाव: यह कदम भारतीय हेल्थकेयर में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।
सरकार की अगली रणनीति
पैनल ने एक स्थायी इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी बनाने का सुझाव दिया है, जो:
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समय-समय पर इन दवाओं की कस्टम ड्यूटी स्थिति की समीक्षा करेगी
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आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य मंत्रालय एवं राजस्व विभाग को सिफारिश भेजेगी
इससे नई दवाएं भी जल्द सूचियों में शामिल होंगी और मरीजों को दिलचस्पी बनी रहेगी।
नतीजा (Synopsis)
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| कुल दवाएं | लगभग 200 |
| पूरा छूट | ~125 दवाएं |
| 5% ड्यूटी | ~74 दवाएं |
| दुर्लभ बीमारी दवाएं | 56 दवाएं (Zolgensma आदि) |
| मुख्य राहत | महंगी इम्यूनोथेरेपी, ट्रांसप्लांट, जेनिटिक/एडवांस इलाजों में |


