चंडीगढ़, 18 जुलाई: जैसे-जैसे देश के पांच प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है। जनता के मूड को समझने के लिए वोट वाइब और इंक इनसाइट्स जैसे संस्थानों ने हाल ही में सर्वे किया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि कई राज्यों में सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
इन राज्यों में केरल, तमिलनाडु, असम, बिहार और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। हर राज्य की अपनी अनूठी राजनीतिक स्थिति है, और इन ताज़ा आंकड़ों ने आगामी चुनावों की तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है।
केरल: कांग्रेस गठबंधन (UDF) को बढ़त, लेकिन BJP की पैठ बढ़ती दिखी
केरल में राजनीति हमेशा दो ध्रुवों — यूडीएफ (कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन) और एलडीएफ (वाम मोर्चा) — के बीच रही है। इस बार यूडीएफ को 38.9% वोट शेयर मिलता दिख रहा है, जो उन्हें बढ़त दिला सकता है।
मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की अगुवाई में एलडीएफ को 27.8% समर्थन मिलने का अनुमान है। हालांकि यह आंकड़ा उनके लिए चिंता का कारण बन सकता है।
सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा भाजपा-एनडीए का है, जिसे अब तक केरल में बड़ी सफलता नहीं मिली थी। लेकिन अब उसे 23.1% वोट मिलने की संभावना जताई गई है — यानी भाजपा धीरे-धीरे केरल की राजनीति में स्थायी उपस्थिति दर्ज करा रही है।
तमिलनाडु: डीएमके को बढ़त लेकिन नाराज़गी की चुनौती
तमिलनाडु में डीएमके एक बार फिर बढ़त में है, लेकिन उसके सामने जनता की नाराज़गी की बड़ी चुनौती है। सर्वे के मुताबिक पार्टी को 37% वोट मिल सकते हैं, जबकि AIADMK को 33% समर्थन मिलने का अनुमान है — जो डीएमके को कड़ी टक्कर देता है।
कमल हासन की पार्टी ‘TVK’ को 12% समर्थन मिला है, जो एक उभरती राजनीतिक ताकत के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ 41% लोगों में एंटी-इनकंबेंसी देखने को मिली, जबकि 31% लोग सरकार के समर्थन में हैं। यानी जनता के मन में नाराज़गी है, लेकिन विकल्प उतने मज़बूत नहीं हैं।
असम: भाजपा की मज़बूत वापसी, सीएम पद के लिए कांटे की टक्कर
असम में भाजपा फिर से सत्ता में लौटने के रास्ते पर दिखाई दे रही है। सर्वे में उसे 50% समर्थन मिला है, जो काफी मजबूत स्थिति है। वहीं, कांग्रेस को 39% समर्थन मिलने की संभावना है।
लेकिन दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री की पसंद के तौर पर मुकाबला काफी कड़ा है।
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हेमंत बिस्वा शर्मा को 46% लोग मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं
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जबकि कांग्रेस के गौरव गोगोई को भी 45% समर्थन मिला है
इससे स्पष्ट है कि असम में नेता का चेहरा भले ही लगभग बराबरी पर हो, लेकिन पार्टी समर्थन में भाजपा को बढ़त है।
बिहार: NDA आगे, लेकिन जनता की पसंद तेजस्वी
बिहार की राजनीति हमेशा जटिल समीकरणों से भरी रही है। इस बार सर्वे में भाजपा और जदयू के गठबंधन (NDA) को 48.9% समर्थन मिलता दिख रहा है, जबकि महागठबंधन (राजद-कांग्रेस आदि) को 35.8% वोट मिल सकते हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए जब लोगों से राय ली गई तो तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में सामने आए:
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तेजस्वी यादव: 38% समर्थन
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नीतीश कुमार: 36% समर्थन
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चिराग पासवान: 5%
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सम्राट चौधरी: 2%
इससे साफ है कि भले ही एनडीए को चुनाव में बढ़त मिलती दिख रही हो, लेकिन जनता का भरोसा नेतृत्व के तौर पर तेजस्वी यादव पर अधिक है।
पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी की बादशाहत कायम, लेकिन भाजपा के पास मज़बूत ज़मीन
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एक बार फिर सबसे लोकप्रिय चेहरा बनी हुई हैं। सर्वे के अनुसार:
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ममता बनर्जी: 41.7% समर्थन
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शुभेंदु अधिकारी (भाजपा): 20.4%
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सुकांत मजूमदार (भाजपा): 9.7%
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अभिषेक बनर्जी (टीएमसी): 5.3%
यह तस्वीर दर्शाती है कि ममता की लोकप्रियता अभी भी मजबूत है, लेकिन भाजपा भी राज्य में एक सशक्त विपक्ष के रूप में उभर रही है। चुनावी रणनीति और प्रचार की शैली आने वाले हफ्तों में परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
राज्यवार ताज़ा आंकड़े – एक नज़र में:
| राज्य | प्रमुख दल को समर्थन | सीएम फेस (लोकप्रियता) |
|---|---|---|
| केरल | UDF – 38.9% | कोई स्पष्ट चेहरा नहीं |
| तमिलनाडु | DMK – 37% | स्टालिन के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी (41%) |
| असम | BJP – 50% | हेमंत शर्मा (46%) बनाम गौरव गोगोई (45%) |
| बिहार | NDA – 48.9% | तेजस्वी यादव – 38% |
| पश्चिम बंगाल | TMC – 41.7% (ममता) | ममता बनर्जी स्पष्ट पसंद |

