देश के कई राज्य इस समय भयंकर गर्मी से त्रस्त है दिनमें चिलचिलाती धूप सभी को परेशान कर रही है अप्रैल में जून महीने की गर्मी का अहसास हो रहा है। वही इन दिनों पुरुष या महिलाएं सबसे ज्यादा अत्यधिक पसीना आने की समस्या से भी परेशान होते है। इसका एक कारण यह भी है कि सूर्य की तेज धूप हमारे शरीर के पानी को अवशोषित कर लेता है। अभी कई राज्यों में तेज धूप का असर जो दिन के समय चरम पर रहता है इसके साथ ही गर्मी का असर हमारी सेहत पर पड़ता है जिसके वजह हीट स्ट्रोक का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है और इतना बढ़ता है कि हमारा शऱीर इसे कंट्रोल नही कर पाता है। लंबे समय तक हमाऱा शऱीर जब गर्म वातावरण मे रहता है तो शरीर की सामान्य क्षमता इससे प्रभावित हो जाती है।
इन लक्षणों को पहचानना जरूरी
इसके साथ ही जब गर्मी के कारण हमें ज्यादा पसीना आता है तो हमारे शरीर से पानी और जरुरी मिनरल्स निकल जाते है जिसके वजह से उल्टी चक्कर जी मचलाना आदि शुरु हो जाते है। ज्यादा बढ़ने पर व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है सांस लेने में तकलीफ की शिकायत होती है. कई बार व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है। शरीर का तापमान सामान्य से कही ज्यादा हो जाता है त्वचा गर्म और सूखी हो जाती है।
कभी कभी यह ज्यादा बढ़ने पर शरीर पसीना छोड़ना बंद कर देता है।जो स्थिति को और खतरनाक बना सकता है. समय पर ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी हो सकता है ।
कैसे करें हीट स्ट्रोक से बचाव?
डॉ. के अनुसार हीट स्ट्रोक से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर जाने से बचें, बाहर निकलते समय सिर को ढककर रखें, आरामदायक कपड़े पहने जैसे सफेद रंग गर्मी में राहत महसूस करता है इसके साथ हल्के और ढीले कपड़े पहनें, समय समय पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे सुबह के समय ठंडी हवा में सैर जरुर करें। बाहर जाते वक्त अपने साथ पानी की बोतल साथ ले जाएं।
समय समय पर पेय पदार्थ का सेवन करते रहें जिसमें नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं. लंबे समय तक धूप में काम ना करें और बीच-बीच में आराम जरूर करें. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो छाता या सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. AC कूलर के हवा में रहें, खास तौर पर घर के अंदर ठंडा वातावरण बनाए रखें और शरीर को ज्यादा गर्म होने से बचाएं. हल्का और पौष्टिक भोजन करें, ज्यादा तेल वाले खाने से बचें, बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें, क्योंकि वे जल्दी प्रभावित होते हैं.
परहेज करें इन चीजों से
बाहर से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी पीने से बचें और शरीर को धीरे-धीरे ठंडा होने दें। ज्यादा चाय कैफीन या मीठे पेय पदार्थों का सेवन से बचें.थोड़ी सी भी आशंका होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ताकि समय पर इलाज मिल सके और गंभीर स्थिति से बचा जा सके. यदि व्यक्ति को लगातार उल्टी हो या एक घंटे से अधिक समय तक रहें तो उसे ORS का घोल पिलाएं और तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
लू लगना एक गंभीर चिकित्सा आपात स्थिति है इसमें जरा सी देरी जानलेवा हो सकती है। पता चलने पर पीड़ित को आम का पन्ना दे। ठंडी वातानुकूलित जगह पर ले जाएं। ठंडे पानी में भिगोंए कपड़े से शरीर का तापमान कम करें या उसे नहलाएं और डॉक्टर की मदद लें।


