पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को दोहराया कि राज्य सरकार पंजाब की कड़ी मेहनत से स्थापित हुई शांति, सांप्रदायिक सौहार्द, भाईचारे और सामाजिक एकता को हर हाल में बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पटियाला में आयोजित ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग और हर धर्म के लोगों के कल्याण के लिए समान रूप से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “पंजाब ऐसी उपजाऊ धरती है जहां हर बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज कभी नहीं पनप सकता। यहां की एकता इतनी मजबूत है कि लोग हर धर्म और हर त्योहार को मिलकर मनाते हैं। मैं मंच पर मौजूद सभी संतों और धार्मिक गुरुओं को नमन करता हूं। हमारी सरकार सभी धर्मों का समान सम्मान करते हुए हर समुदाय के हित में काम कर रही है।”
उन्होंने कहा कि इस पवित्र कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह स्थान हमेशा उनके दिल के बेहद करीब रहा है और यहां आकर मानवता, प्रेम और भाईचारे का संदेश साझा करने का अवसर मिला है। उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं का भी आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की भारी भागीदारी सरकार को और अधिक समर्पण के साथ जनता की सेवा करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि “पंजाब शांति, आजादी और भाईचारे की धरती है। यहां समाज को बांटने वाली ताकतें कभी सफल नहीं हो सकतीं। आज का कार्यक्रम भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन इसमें हर धर्म के लोग शामिल हुए हैं, जो पंजाब की साझा संस्कृति और एकता का प्रतीक है।”
जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद किए, जिससे आम लोगों को प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार ने पूरी पारदर्शिता के साथ 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। इसके अलावा राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, 44 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा नहर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि किसानों को पर्याप्त सिंचाई का पानी मिल सके।
मुख्यमंत्री ने ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ का जिक्र करते हुए कहा कि 1 जुलाई से महिलाओं के खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को भी यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने की पात्र होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण, सामाजिक सौहार्द और पंजाब की समृद्ध विरासत को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य करती रहेगी।


