Canada Immigration System Changes – कनाडा सरकार ने अपने इमिग्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए घोषणा की है
कि 2025 से एक्सप्रेस एंट्री के तहत स्थायी निवास (PR) के लिए नौकरी के ऑफर पर मिलने वाले अतिरिक्त अंक अब नहीं मिलेंगे।
यह कदम फर्जीवाड़े को रोकने के लिए उठाया गया है,
लेकिन इससे हजारों आवेदकों, खासकर भारतीय और पंजाबी युवाओं को बड़ा झटका लगेगा,
जो अपनी PR प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए नौकरी के ऑफर का सहारा लेते थे।
पंजाबी समुदाय के लिए यह बदलाव किसी झटके से कम नहीं है।
वर्षों से नौकरी के ऑफर के आधार पर बड़ी संख्या में युवा अपनी Comprehensive Ranking System (CRS) स्कोर बढ़ाते थे,
जो PR के लिए जरूरी न्यूनतम कट-ऑफ स्कोर पार करने में मदद करता था।
अब यह विकल्प खत्म हो जाने से, जिन आवेदकों के पास अन्य मापदंडों में उच्च स्कोर नहीं है,
उनके लिए PR का सपना और कठिन हो जाएगा।
कनाडा इमिग्रेशन विभाग ने कहा है कि यह फैसला एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम में फर्जी नौकरी ऑफरों को रोकने के लिए लिया गया है।
कई बार उम्मीदवार नकली या संदिग्ध नौकरी ऑफर दिखाकर अपने CRS स्कोर को बढ़ा लेते थे।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से ईमानदार और योग्य आवेदकों को भी नुकसान होगा।
इसके बजाय सरकार को फर्जी नौकरी ऑफरों की पहचान करने के लिए सख्त जांच और सत्यापन प्रणाली लागू करनी चाहिए थी।
•एक्सप्रेस एंट्री उम्मीदवारों को 50 अंक उन नौकरी ऑफरों पर मिलते हैं,
जो स्किल्ड जॉब्स की कैटेगरी में आते हैं।
•सीनियर मैनेजमेंट पदों के लिए 200 अंक तक मिलते हैं।
ये अंक कई बार उम्मीदवारों के PR के लिए जरूरी न्यूनतम कट-ऑफ स्कोर तक पहुंचने में निर्णायक साबित होते थे।
सरकार ने इस बदलाव को अस्थायी बताया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया है कि ये नियम कब तक लागू रहेंगे।
इस अनिश्चितता ने उम्मीदवारों और नियोक्ताओं (Employers) के बीच चिंता बढ़ा दी है।
यह बदलाव नए और मौजूदा सभी आवेदकों पर लागू होगा। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे:
•वे उम्मीदवार जो एक्सप्रेस एंट्री के तहत नए आवेदन करना चाहते हैं।
•वे आवेदक जिनके आवेदन पहले से एक्सप्रेस एंट्री पूल में हैं।
•कनाडा में अस्थायी रूप से काम कर रहे वे लोग, जो नौकरी ऑफर के आधार पर PR के लिए आवेदन कर रहे थे।
एडमॉन्टन के इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर मोंटू ने बताया
कि सरकार ने यह बदलाव बिना यह देखे लागू कर दिया कि नौकरी ऑफर किस प्रकार की है।
चाहे वह उच्च पद की हो या सामान्य, सभी नौकरी ऑफरों को समान रूप से प्रभावित किया गया है।
यह कदम केवल आवेदकों के लिए ही नहीं, बल्कि कनाडा के उन नियोक्ताओं के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर सकता है, जो स्किल्ड वर्कर्स पर निर्भर हैं।
नौकरी ऑफर पर मिलने वाले अंक खत्म हो जाने से अब आवेदकों को शिक्षा, भाषा कौशल और कार्य अनुभव जैसे मापदंडों पर ही निर्भर रहना पड़ेगा।
सरकार का यह कदम पारदर्शिता और फर्जीवाड़े को रोकने की दिशा में उठाया गया है, लेकिन इसे संतुलित तरीके से लागू करना जरूरी था।
विशेषज्ञों का मानना है कि फर्जी नौकरी ऑफरों की पहचान के लिए कड़े नियम और जांच प्रक्रियाएं लागू करनी चाहिए थीं,
ताकि ईमानदार आवेदकों को नुकसान न हो।
अब आवेदकों को अपनी रणनीति फिर से तैयार करनी होगी और CRS स्कोर बढ़ाने के लिए अन्य मापदंडों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
कनाडा का यह बदलाव बताता है कि इमिग्रेशन प्रक्रिया लगातार बदलती रहती है,
और आवेदकों को नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।


