Budget 2025 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2025 को केंद्रीय बजट पेश करेंगी, और इस बार मध्यम वर्ग के करदाताओं को राहत मिलने की पूरी उम्मीद है। आर्थिक मंदी के संकेतों और घटती खपत को देखते हुए सरकार लोगों के हाथ में अधिक नकदी देने के उपाय कर सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टैक्स छूट सीमा ₹4 लाख तक बढ़ सकती है, जबकि कई करदाता ₹10 लाख तक की आय को टैक्स फ्री करने की उम्मीद कर रहे हैं।
फिलहाल वेतनभोगी करदाताओं के लिए ₹50,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन उपलब्ध है। इस सीमा को बढ़ाकर ₹75,000 या ₹1,00,000 किए जाने की संभावना है।
धारा 24(b) के तहत हाउसिंग लोन पर ब्याज में कटौती की सीमा को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख किया जा सकता है।
– धारा 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर टैक्स छूट सीमा बढ़ सकती है।
– व्यक्तिगत बीमा के लिए ₹25,000 से बढ़ाकर ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 किया जा सकता है।
– अतिरिक्त कटौती सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 हो सकती है।
– निकासी पर भी पूरी तरह टैक्स फ्री (EEE ट्रीटमेंट) किए जाने की मांग की जा रही है।
– मेट्रो शहरों में 50% और गैर-मेट्रो शहरों में 40% तक HRA छूट की सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।
– टियर-2 शहरों (हैदराबाद, पुणे, बेंगलुरु) के लिए भी राहत संभव।
₹2.5 लाख से अधिक PF ब्याज पर TDS को निकासी के समय तक टालने का सुझाव दिया गया है, जिससे करदाताओं को नकदी प्रवाह में सुधार मिलेगा।
– शेयर बाजार, सोना और अन्य निवेशों पर कर दरों में समानता लाने का प्रस्ताव।
– स्टॉक ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) हटाने की भी संभावना।
•वरिष्ठ नागरिकों की कर छूट सीमा बढ़ाकर ₹5 लाख तक की जा सकती है।
•ब्याज आय पर अतिरिक्त छूट देने का भी सुझाव।
फिलहाल ₹1.5 लाख की सीमा 2014 से स्थिर है। इसे बढ़ाकर ₹2.5 लाख किया जा सकता है।
– 63 साल पुराने इनकम टैक्स एक्ट की समीक्षा जारी है।
– सरल और पारदर्शी टैक्स सिस्टम लाने के लिए DTC लागू करने की संभावना।
इस बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। टैक्स स्लैब में बदलाव, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने और हाउसिंग व इंश्योरेंस पर छूट देने जैसे फैसले आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकते हैं। अब सभी की निगाहें 1 फरवरी 2025 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हैं।

