चंडीगढ़, 27 जून: हरियाणा की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। जननायक जनता पार्टी (JJP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश की गिरती कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा करते हुए सख्त लहजे में सरकार को घेरा। शुक्रवार को फरीदाबाद में जेजेपी के जिलाध्यक्ष प्रदीप चौधरी पर हुए जानलेवा हमले के बाद दुष्यंत चौटाला ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि, “आज हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम आदमी असुरक्षित महसूस कर रहा है। दिनदहाड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमला होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”

उन्होंने इस हमले को राजनीतिक दबाव में की गई कायरता पूर्ण हरकत करार देते हुए कहा कि प्रदीप चौधरी पर हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है।

“एफआईआर में देरी, सरकार की लाचारी का सबूत” – चौटाला

पूर्व डिप्टी सीएम ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि एफआईआर दर्ज करने में देरी, घटना पर मौन और दोषियों की गिरफ्तारी में ढिलाई – ये सब साफ दिखाता है कि पुलिस दबाव में है या राजनीतिक संरक्षण में काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा, “मुख्यमंत्री नायब सैनी कहते हैं कि उन्हें पुलिस पर गर्व है, लेकिन जनता के सामने असलियत कुछ और ही है।”

“एसआईटी गठित हो, एसीपी रैंक के अधिकारी करें जांच”

दुष्यंत चौटाला ने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसीपी स्तर के सीनियर पुलिस अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जाए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी हमलावरों की गिरफ्तारी कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

“शराब ठेकेदारों को सुरक्षा, आम आदमी असुरक्षित!”

राज्य की मौजूदा सरकार पर हमला बोलते हुए चौटाला ने तंज कसते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री शराब ठेकेदारों को सुरक्षा देने की बात कर रहे हैं, जबकि आम जनता रोजाना लूट, हत्या, बलात्कार और मारपीट जैसी घटनाओं का शिकार हो रही है।”

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था संभालने के लिए सरकार को अनुभवी और ज़मीनी स्तर पर सक्रिय पुलिस अधिकारियों की जरूरत है, न कि सिर्फ ट्रांसफर-पोस्टिंग के खेल में लगे अफसरों की।

“एचएयू के छात्रों को झूठे आश्वासन से किया गया गुमराह”

पूर्व डिप्टी सीएम ने हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के छात्रों की मांगों और आंदोलन पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पहले प्रशासन ने लाठीचार्ज कर छात्रों को दबाने की कोशिश की, और फिर जब छात्र एकजुट होकर न्याय की मांग करने लगे, तो एक झूठी कमेटी बनाकर उन्हें भ्रमित किया गया।

चौटाला ने आरोप लगाया कि यह सरकार छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है और अपने वादों से पलट कर भ्रम की राजनीति कर रही है।

 

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