चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिल्प मेले में उत्तराखंड,राजस्थान,तेलंगाना की संस्कृति का संगम
चंडीगढ़। क्रीम पोडरा घेसिनी किले में मेरी निर्मला और पारा भीड़े की बसंती छोरी रुमाझूंगा जैसे गीत पेश कर लोक गायक राकेश खानवाल ने पंजाब की फिजाओं को उत्तराखंडी पहाड़ी संस्कृति को खूब महकाया। खानवाल ने अपनी खनकती और मखमली आवाज में पहाड़ी लोक गायन की स्वर लहरियों से फोक


