सूर्य देव के 7 घोड़े और 1 पहिए का रथ..जानिएं इनके महत्व
रविवार का दिन भगवान सूर्य़ को समर्पित है भगवान सूर्य ऐसे देवता है जिन्हें हम साक्षात अपने आंखो से देख पाते है, और उनका दर्शन कर के उनकी पूजा कर पाते है। भगवान सूर्य के साथ सात घोडो की चर्चा भी होती है क्योंकि यह सात घोडें हर तस्वीर और
गुरुवार व्रत में गुड़-चना का भोग क्यों माना जाता है शुभ..जानिएं कथा
गुरुवार को भगवान विष्णु के पूजा का विधान है, भगवान विष्णु सुख समृद्धि के देवता कहे जाते है भगवान को पीला रंग और पीले फूल विशेष पसंद है, वही भक्त भगवान को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजन चढ़ाते है लेकिन कहा जाता है भगवान को जो भी
जानिए शनिदेव को तेल क्यों प्रिय है? क्या लाभ मिलते है तेल चढ़ाने से..
शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित है। शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाने की परंपरा काफी समय से चली आ रही है। मान्यता है कि शनिवार के दिन शनि को सरसों का तेल चढ़ाने से जिन लोगों पर शनि की दशा का प्रभाव होता
क्या आप जानते हैं? मोदक से क्यों होते हैं गणेश जी प्रसन्न !
पुराणों के मुताबिक भगवान गणेश देवताओं में प्रथम पूज्य हैं यानी इनकी पूजा सभी देवताओं (God) से पहले की जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए सबसे आसान तरीका है मोदक का भोग। अगर आपने मोदक का भोग नहीं लगया तो समझ लीजिए
मारुति से हनुमान तक- जानें बाल हनुमान के विभिन्न नामों का अर्थ
मंगलवार हनुमान जी की आराधना का दिन होता है। प्रभु हनुमान की पूजा करने से भक्तों के सारे संकट मिट जाते हैं। प्रभु हनुमान को कई नामों से पुकारा जाता है । हनुमान जी को संकटमोचन भी कहा जाता है और इनको परम शक्तिमान भी कहा गया है। हनुमान जी
जानिएं विघ्नहर्ता गणेश जी की आराधना से कैसे मिटती हैं जीवन की बा/धाएं?”
बुधवार को भगवान गणेश की पूजा का विधान है, भगवान गणेश के कई नाम है लेकिन जो सबसे ज्यादा पुकारा जाता है वो है विध्नहर्ता क्योंकि गणेश जी की कृपा से सारे विध्नों का नाश होता है। हिंदू धर्म में किसी भी पूजा-पाठ या धार्मिक कार्य में सबसे पहले गणेश
जानिए भगवान गणेश को क्यों पसंद है दूर्वा? और चढ़ाई गई दूर्वा का क्या करें?
हिंदू धर्म में दूर्वा को बहुत ही पूजनीय माना जाता है। भगवान गणेश को मोदक और लड्डू के अलावा एक और चीज सबसे ज्यादा प्रिय है? दूर्वा भगवान गणेश को बेहद प्रिय है यह कोई फूल या फल नहीं बल्कि एक खास तरह की घास है। ऐसा माना जाता है


