आज है सकट चौथ, संतान सुख और समृद्धि के लिए रखा जाता है व्रत
सकट चौथ का व्रत 6 जनवरी 2026 यानी आज रखा जा रहा है. माघ मास की चतुर्थी तिथि को संकष्ठी चतुर्थी कहा जाता है. इस तिथि को तिल चतुर्थी या माघी चतुर्थी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान गणेश, सकट माता और चंद्रदेव की उपासना का विधान बताया गया
जानिए सूर्य उपासना से कैसे मिलते हैं ? धन, स्वास्थ्य और समृद्धि
दुनिया भर में प्राचीन काल से लोग सूर्य़ देवता की पूजा और भगवान सूर्य को अर्घ्य देते आ रहे हैं। भारत में हर साल सूर्य से संबंधित अनगिनत त्यौहार मनाए जाते हैं और रविवार व्रत उनमें से एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। रविवार सूर्य देवता की पूजा का दिन है। जीवन
15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी: व्रत का महत्व, कथा और पूजा विधि
हिन्दू धर्म में एकादशी को तिथि को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता हो, मान्यता यह सभी है एकादशी का व्रत सभी व्रतों में सबसे शुभ फल देता है यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। कल 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी व्रत है। मान्यता है कि अगहन कृष्ण
मोक्ष और पुण्य का पर्व: कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दीपदान का विशेष महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खुद देवता पृथ्वी पर आते हैं और पवित्र नदियों में स्नान करते हैं। यही कारण है कि कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करते है माना जाता है इससे
देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को, शुरू होंगे शुभ और मांगलिक कार्य
देवउठनी एकादशी 1 नवंबर को मनाई जाएगी. इस दिन कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के साथ सभी देवी-देवता योग निद्रा से जागते हैं, जिसके बाद एक बार फिर श्रीहरि सृष्टि की कमान संभालते हैं। इस दौरान घरों में भगवान
अक्षय नवमी 2025: जानिएं आंवला नवमी पूजा, महत्व और शुभ मुहूर्त
सनातन परंपरा में कार्तिक मास का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. इस मास में दीपावली और छठ महापर्व के बाद कार्तिक पूर्णिमा तक बड़े पर्वों का सिलसिला जारी रहता है. अगर बात करें कार्तिक मास के शुक्लपक्ष की नवमी की तो इसे हिंदू धर्म में आंवला नवमी या फिर
गोवर्धन पूजा का पर्व आज, जानें महत्व, कथा और पूजा विधि
आज देश भर में 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जा रहा है । गोवर्धन पूजा का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। गोवर्धन पूजा का पर्व दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है । दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है चलिए आपको बताते हैं.दिवाली
22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा, जानिए शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
अमावस्या तिथि आज शाम 5 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी और उसके ठीक बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत हो जाएगी. तो ऐसे में पंचांग के मुताबिक, अमावस्या तिथि के कारण गोवर्धन पूजा 21 अक्टूबर को न करके 22 अक्टूबर को ही जाएगी. हालांकि, हर वर्ष गोवर्धन


