चैत्र नवरात्र का छठा दिन: मां कात्यायनी से प्राप्त करें साहस और विजय
नवरात्र में सभी नौ दिनों तक देवी की विशेष पूजा की जाती है , हर दिन देवी के एक एक स्वरुप की पूजा की जाती है, मां कात्यायनी को नवदुर्गा के छठे स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं. इनकी उपासना से भक्तों को साहस, धर्म और विजय की प्राप्ति
धन की देवी माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए लगाएं उनके प्रिय भोग
शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है इसलिए सभी चाहते है इनको खुश करने के लिए । दैनिक पूजा के साथ विशेष पूजा भी किये जाते है माता का आर्शीवाद लेने के लिए, भक्त तरह तरह के व्यंजन
कीचड़ में रहकर भी निर्मल रहता है..जानिए मां लक्ष्मी को क्यो पसंद है कमल ?
मां लक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए सबसे अच्छा दिन शुक्रवार का माना जाता है. हिंदू धर्म में माता लक्ष्मी को धन की देवी माना गया है. भक्तगण माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कई उपाय करते हैं और उनका आशीर्वाद भी प्राप्त करते हैं. जिससे उनके जीवन में धन,
किसी भी शुभ कार्य में सबसे पहले क्यों की जाती है गणेशजी की पूजा
विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समृद्धि, बुद्धि और अच्छे भाग्य का देवता माना जाता है माना जाता है कि भगवान गणेश, मनुष्यों के कष्ट हर लेते है और उनकी पूजा करने से घर में सुख समृद्धि आती है। परंपरा के अनुसार, हर धार्मिक उत्सव और समारोह की शुरुआत भगवान गणेश की
शुक्रवार को माता लक्ष्मी को खीर अर्पित करें, मिलेगा धन लाभ
शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है.माता लक्ष्मी धन की देवी है। मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने पर व्यक्ति को सुख-समृद्धि और धन की प्राप्ति होती है. मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए व्यक्ति कई तरह के उपाय करते हैं, पूजा-पाठ और व्रत आदि रखते हैं. माता को
“रविवार विशेष: सूर्यदेव की पूजा से जीवन में समृद्धि और स्वास्थ्य पाएँ”
हिन्दू धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित है और हर दिन किसी ना किसी देवता के पूजा का विधान है। ऐसे ही रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा का विधान है। इस दिन विधिपूर्वक भगवान सूर्य़ की आराधना करने से निरोग शरीर और
क्यों खरीदी जाती है झाड़ू धनतेरस पर? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
दिपावली के पंचदिवसीय त्योहार में धनतेरस का खास महत्व है कल यानि 18 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन धनकुबेर यानी भगवान धनवंतरी की पूजा का विधान है। कहते है वो धन के देवता है। 18 अक्टूबर, शनिवार के दिन त्रयोदशी तिथि का आरंभ दोपहर में 12


