हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRNL) को लेकर विपक्ष के सवालों पर कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के करीब नौ साल के शासन के दौरान प्रदेश में संविदा कर्मचारियों की संख्या में लगभग 71 हजार की बढ़ोतरी हुई थी। अब वही कांग्रेस संविदा व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने HKRNL के जरिए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की कोशिश की है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि युवाओं को बिचौलियों और सिफारिश के दबाव से राहत मिली। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि युवाओं को योग्यता और जरूरत के आधार पर रोजगार के अवसर मिलें।
सीएम सैनी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में चुनावी फायदे को ध्यान में रखकर फैसले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष आज भी जनता को भ्रमित करने के लिए गलत और भ्रामक बातें फैला रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि HKRNL के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार में पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य संविदा कर्मचारियों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आंकड़े खुद बताते हैं कि संविदा कर्मचारियों को लेकर कांग्रेस और मौजूदा सरकार की नीतियों में क्या अंतर है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष से राजनीति के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा करने की अपील की।

