चंडीगढ़, 22 जुलाई: उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में शुमार माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में इस वर्ष का श्रावण अष्टमी मेला अत्यंत श्रद्धा और सुरक्षा के साथ 25 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक आयोजित किया जाएगा। यह मेला हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जो यहां अपनी मन्नतें लेकर माता के दरबार में हाजिरी लगाने आते हैं।

इस पावन आयोजन को सफल बनाने हेतु प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। एसडीएम अंब श्री सचिन शर्मा के नेतृत्व में माईदास सदन चिंतपूर्णी में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की समस्त व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।

 मंदिर दर्शन व्यवस्था: चौबीसों घंटे खुला रहेगा माता का दरबार

एसडीएम अंब ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान माता चिंतपूर्णी मंदिर चौबीसों घंटे श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा। केवल रात्रि में एक घंटे के लिए मंदिर की सफाई हेतु बंद किया जाएगा। इसके अलावा, दोपहर के समय मां के श्रृंगार और भोग की पूजा प्रक्रिया के दौरान कुछ समय के लिए मंदिर के पट अस्थायी रूप से बंद रहेंगे।

 लंगर आयोजन के लिए अनुमति अनिवार्य

श्रावण अष्टमी मेले में लंगर सेवा करने की योजना बना रहे आयोजकों को प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, लंगर समाप्त होने के बाद साफ-सफाई की जिम्मेदारी भी आयोजकों की होगी। डीएफएससी ऊना नियमित रूप से खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच करेंगे ताकि श्रद्धालुओं को शुद्ध व स्वास्थ्यवर्धक भोजन मिल सके।

 प्रतिबंध और नियम: भक्ति के साथ अनुशासन भी आवश्यक

मेले के दौरान कुछ गतिविधियों और वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा:

  • ढोल-नगाड़ा, चिमटा, लाउडस्पीकर जैसे ध्वनि यंत्रों का प्रयोग निषिद्ध रहेगा।

  • प्लास्टिक और थर्मोकोल का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया है।

  • मालवाहक वाहनों के माध्यम से मंदिर आने की अनुमति नहीं होगी।

  • इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।

 सुरक्षा व्यवस्था: 10 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु मेला क्षेत्र को 10 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है।
इन सभी सेक्टरों की निगरानी एक नियंत्रण कक्ष (Control Room) के माध्यम से की जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, होम गार्ड्स और त्वरित कार्यबल (Quick Response Teams) तैनात किए जाएंगे।

 मूलभूत सुविधाएं: स्वच्छता, चिकित्सा और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था

मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित विशेष प्रबंध किए गए हैं:

  • सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण विभिन्न स्थलों पर किया जाएगा।

  • भिक्षावृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, और जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी।

  • चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने हेतु विभिन्न स्थानों पर एलोपैथिक और आयुर्वेदिक चिकित्सा कैंप लगाए जाएंगे।

  • अग्निशमन वाहन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में तैनात रहेंगे।

  • पेयजल की व्यवस्था के तहत प्याऊ व जल भंडारण टैंकों का क्लोरीनीकरण कराया जाएगा।

 सराय व रात्रि व्यवस्था

  • सभी निजी सराय प्रबंधकों को अपने परिसर में अग्निशमन यंत्र लगाना अनिवार्य होगा।

  • विद्युत विभाग को बिजली आपूर्ति नियमित बनाए रखने तथा अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • लोक निर्माण विभाग (PWD) को मेला शुरू होने से पूर्व सभी सड़कों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

उच्चस्तरीय सहभागिता

इस महत्वपूर्ण बैठक में एएसपी ऊना संजीव भाटिया, सीएमओ डॉ. संजीव वर्मा, और विभिन्न ग्राम पंचायतों की प्रधानगण जैसे शशि कालिया (छपरोह), अल्का (नारी), ऐश्वर्या (गंगोट), प्रतिभा (डूहल भंगवाल), संगीता वाला (अप्पर लोहारा) समेत अनेक प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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