चंडीगढ़, 11 जुलाई: कनाडा के शांत माहौल को हाल ही में एक बेहद खौफनाक घटना ने झकझोर कर रख दिया। भारतीय कॉमेडी जगत के चर्चित नाम कपिल शर्मा के रेस्टोरेंट पर हुई फायरिंग की वारदात ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। यह हमला सिर्फ एक दुकान पर नहीं, बल्कि भारत के एक चर्चित चेहरे और उसकी पहचान पर भी किया गया प्रतीत होता है। इस घटना से न केवल भारतीय समुदाय में डर का माहौल है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले को लेकर गंभीर चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं।
वीडियो में कैद हुआ आतंक
इस हमले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक हमलावर कार से उतरकर बंदूक निकालता है और कपिल शर्मा के ‘कैप्स कैफे’ पर ताबड़तोड़ फायरिंग करता दिखता है। घटना इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही फायरिंग कर हमला करने वाला व्यक्ति कार में बैठकर फरार हो गया। पुलिस अब इस वीडियो के जरिए आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की कोशिश में जुटी है।
हमलावर कौन? सामने आया खालिस्तानी आतंकी ‘हरजीत सिंह उर्फ लाडी’ का नाम
इस मामले में एक ऐसा नाम सामने आया है, जो पहले से ही आतंक की दुनिया में कुख्यात है – हरजीत सिंह उर्फ लाडी। लाडी, पंजाब के नवांशहर जिले के गांव गरपधाना का निवासी है। उसके पिता का नाम कुलदीप सिंह है।
लेकिन यह नाम सिर्फ किसी गांव तक सीमित नहीं है। यह नाम अब इंटरनेशनल आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है। लाडी को भारत की नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने पहले ही मोस्ट वांटेड घोषित किया हुआ है। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम भी रखा गया है।
खालिस्तानी नेटवर्क से गहरे रिश्ते
एनआईए के अनुसार, लाडी खालिस्तानी विचारधारा से जुड़ा हुआ है और बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) जैसे आतंकी संगठन से उसके गहरे संबंध हैं। वह न सिर्फ इन संगठनों का समर्थन करता है, बल्कि इनके लिए फंडिंग और हथियारों की व्यवस्था में भी सक्रिय भूमिका निभाता है।
जांच एजेंसी ने दावा किया है कि लाडी की विदेशी आकाओं से लगातार बातचीत होती रहती है। उसके खिलाफ डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिसमें उसे विदेश से धन प्राप्त करते हुए और आतंकी गतिविधियों के निर्देश लेते हुए देखा गया है।
वीएचपी नेता की हत्या में भी नाम
हरजीत सिंह उर्फ लाडी का नाम सिर्फ फायरिंग की घटना में ही नहीं आया है, बल्कि इससे पहले वह विश्व हिंदू परिषद (VHP) के नेता विकास बग्गा की हत्या में भी आरोपी रह चुका है। इस हत्याकांड की जांच जब जून 2024 में एनआईए को सौंपी गई, तब उसमें लाडी और उसके साथियों – कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू आदि के नाम सामने आए। यह घटना साफ इशारा करती है कि लाडी किसी सामान्य अपराधी नहीं, बल्कि एक साजिशकर्ता और आतंकी मंशा रखने वाला व्यक्ति है।
पकड़ के लिए कसी जा रही है घेराबंदी
एनआईए ने लाडी को पकड़ने के लिए केवल इनाम घोषित नहीं किया, बल्कि जनता से सहयोग मांगते हुए व्हाट्सएप, ईमेल और कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किए हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि कोई न कोई उसकी लोकेशन की जानकारी देकर उसे न्याय के कटघरे तक पहुंचाने में मदद करेगा।
पंजाब पुलिस की चुप्पी, लेकिन केंद्र की सतर्कता
हैरत की बात यह है कि पंजाब पुलिस की ओर से अब तक लाडी के खिलाफ कोई औपचारिक FIR या चार्जशीट जारी नहीं की गई है। लेकिन केंद्र सरकार और एनआईए की रिपोर्टों के अनुसार, लाडी को भारत के सबसे खतरनाक भगोड़े आतंकियों में गिना जा रहा है।
इस चुप्पी के पीछे क्या कारण हैं, यह अब जांच का विषय बनता जा रहा है। लेकिन इतना तय है कि अगर लाडी पकड़ा गया, तो उसके जरिए कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं – खासकर उन लोगों के नाम जो भारत में बैठकर विदेश में आतंक फैलाने की साजिशें रच रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर असर
यह हमला भारत और कनाडा के बीच पहले से ही तनावपूर्ण चल रहे रिश्तों को और गहरा कर सकता है। हाल के वर्षों में कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऐसे में भारत सरकार की ओर से इस घटना को लेकर सख्त प्रतिक्रिया आ सकती है।

