चंडीगढ़, 19 जून: भारतीय व्यापार जगत और सामाजिक जीवन का एक जाना-पहचाना नाम, संजय कपूर, अब इस दुनिया में नहीं रहे। 12 जून 2025 को, 53 वर्ष की आयु में उनका आकस्मिक निधन इंग्लैंड में हुआ था। यह खबर जितनी अप्रत्याशित थी, उतनी ही दिल दहला देने वाली भी।

बताया जा रहा है कि इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान एक दुर्लभ और असामान्य दुर्घटना घटी, जिसमें संजय कपूर ने कथित रूप से खेलते वक्त गलती से एक मधुमक्खी निगल ली, जिससे उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया और वे ज़िंदगी की जंग हार गए। इस अप्रत्याशित हादसे ने उनके परिवार, दोस्तों, व्यवसायिक सहयोगियों और खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया।

आज लोधी रोड पर होगा अंतिम संस्कार, ताज पैलेस में रखी जाएगी श्रद्धांजलि सभा

संजय कपूर की अंतिम यात्रा आज 19 जून को नई दिल्ली से शुरू होगी, जहां उनका अंतिम संस्कार शाम 5 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। उनके परिवार की ओर से इस बारे में एक आधिकारिक प्रेस स्टेटमेंट जारी किया गया है।

इसके साथ ही, 22 जून 2025 को शाम 4 बजे से 5 बजे तक नई दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज पैलेस होटल में एक प्रार्थना सभा (Prayer Meet) आयोजित की जाएगी, जिसमें उनके चाहने वाले, परिजन, व्यावसायिक और सामाजिक सहयोगी उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

पार्थिव शरीर को भारत लाने में लगी एक सप्ताह की लंबी प्रक्रिया

संजय कपूर का निधन भले ही 12 जून को हो गया था, लेकिन उनका पार्थिव शरीर भारत लाने में पूरे एक सप्ताह का समय लग गया। उनके ससुर अशोक सचदेव ने मीडिया से बातचीत में जानकारी दी थी कि संजय का पोस्टमार्टम लंदन में ही किया गया, और जब तक सभी ज़रूरी मेडिकल और कानूनी दस्तावेज़ पूरे नहीं हो जाते, तब तक शव को देश से बाहर नहीं ले जाया जा सकता था। यही कारण रहा कि परिजनों को उन्हें अंतिम बार देखने के लिए इतना इंतजार करना पड़ा।

कौन थे संजय कपूर? – बिजनेस और पोलो के एक संतुलित खिलाड़ी

संजय कपूर का नाम सिर्फ कारोबारी दुनिया में ही नहीं, बल्कि खेल के क्षेत्र में भी बड़ी इज्ज़त से लिया जाता था। वे सोना कॉमस्टार नाम की बहुराष्ट्रीय ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी के चेयरमैन थे। ये कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों और अत्याधुनिक ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी पर काम करती है।

उनका व्यक्तित्व सिर्फ व्यापारिक सीमाओं तक सीमित नहीं था। खेल, विशेषकर पोलो, उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था। वे न केवल इस खेल को खेलते थे बल्कि उसके एक सशक्त समर्थक भी थे। देश-विदेश में कई बार उन्होंने पोलो टूर्नामेंट्स में हिस्सा लिया और इस खेल को बढ़ावा देने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।

इसी खेल के मैदान में उन्होंने अपनी ज़िंदगी की अंतिम सांस ली – एक ऐसी जगह जो उनके दिल के सबसे करीब थी।

करिश्मा कपूर के पूर्व पति, लेकिन निजी जीवन से दूर रहे मीडिया की चकाचौंध से

संजय कपूर का नाम एक समय बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर से भी जुड़ा रहा। दोनों की शादी काफी चर्चित रही, लेकिन बाद में तलाक हो गया। हालांकि वे अक्सर निजी जीवन को मीडिया से दूर रखते थे और अपने व्यवसाय और खेल में ही व्यस्त रहते थे।

व्यापार और खेल जगत में शोक की लहर

उनकी असामयिक मृत्यु ने सिर्फ उनके परिवार को ही नहीं, बल्कि भारतीय कारोबारी जगत, खेल जगत और उनके दोस्तों के समूह को भी गहरे दुख में डुबो दिया है। सोशल मीडिया से लेकर उद्योगिक संगठनों तक, हर ओर शोक और श्रद्धांजलि के संदेशों की बाढ़ सी आ गई है।

एक व्यापारी जो अपने क्षेत्र में नई सोच और स्थायी ऊर्जा समाधानों पर काम कर रहा था, और एक खिलाड़ी जो जीवन को संतुलन के साथ जीना जानता था – संजय कपूर का जाना एक अपूरी क्षति है।

 

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